

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में सोमवार को साइबर सिक्योरिटी पीएसबीज हैकाथाॅन सीरीज 2026 का शुभारंभ हुआ। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की पहल पर सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को साइबर सुरक्षा और फिनटेक नवाचार के प्रति जागरुक करना है। [I Next, 12-05-2026, Page No. 04]

डिजिटल दुनिया में तेजी से बढ़ते साइबर हमलों और आनलाइन बैंकिंग खतरों के बच अब युवा दिमाग देश की आर्थिक सुरक्षा की नई ढाल बनने जा रहे हैं। इसी सोच के साथ मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में साइबर सिक्योरिटी पीएसबीजी हैकाथान सीरीज-2026 शुरू की गई। इसमें प्रतिभागी बैंकिग सेक्टर को ध्यान में रखते हुए तकनीकी समाधान तैयार करेंगी। संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों में अनुसंधान, उद्यमिता और रचनात्मक सोच को नई दिशा देगा। हैकाथान के अधिकारिक प्राब्लम स्टेटमेंट भी जारी किए गए हैं। [Dainik Jagran 12-05-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के सेमिनार हाल में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की पहल पर सेंट्रल बैंक आॅफ इंडिया के सहयोग से साइबर सिक्योरिटी पीएसबीज हैकाथाॅन सीरीज-2026 का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे, प्रो. नीरज त्यागी, प्रो. मयंक पाण्डेय, डाॅ. रणविजय सिंह, डाॅ. शशांक श्रीवास्तव और डाॅ. जूही चैहान ने किया। [Amar Ujala 12-05-2026, Page No. 08]-B

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के पुराछात्र संगठन ने स्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए पुराछात्र प्रेरण कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थान के हाल में कार्यक्रम निदेशक और मुख्य अतिथि ने अपने विचार रखे। कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम. गोरे ने कहा कि कर्म योगी बनें, कर्तव्य के मार्ग पर नैतिकता के साथ आगे बढ़ें। [Amar Ujala 12-05-2026, Page No. 07]-A

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के डाॅ. सुशील कुमार और साक्षी अग्रहरि ने एक ऐसा शोध किया है जो भविष्य में पानी की कमी और गंदे पानी के निस्तारण की समस्या का समाधान बन सकता है। यह शोध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल केमोस्फीयर में प्रकाशित हुआ है। [Amar Ujala 11-05-2026, Page No. 04] – A

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के एमपी हाॅल में रुखसत-2026 सांस्कृतिक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के अंतिम वर्ष के छात्रों को विदाई देना था। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के कार्यवाहक निदेशक प्रो. एम.एम.गोरे, चीफ वार्डन प्रो. सहदेव पाढ़ी, डाॅ. रणविजय सिंह, डाॅ. जितेन्द्र गंगवार और डाॅ. समीर श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया। [Amar Ujala 11-05-2026, Page No. 08] – B

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद में अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं को भावभीनी विदाई देने के लिए रुखसत-2026 सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। जूनियर विद्यार्थियों ने सीनियर्स के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर पूरे माहौल को भावनाओं और उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। [Dainik Jagran 11-05-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के एम.पी. हाल में रुखसत-2026 सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य संस्थान के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं की विदाई देना था। समारोह में जूनियर विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने सीनियर्स के प्रति सम्मान और शुभकामनाएं व्यक्त की। विद्यार्थियों ने गीत, संगीत, नृत्य और नाटक की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें खूब सराहा गया। सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। [Hindustan 11-05-2026, Page No. 06]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के शोधकर्ताओं ने ऐसी अत्याधुनिक प्रणाली विकसित की है जो माइक्रोएल्गी को ‘ग्रीन इनर्जी फैक्ट्री’ में बदल सकती है। इसे एमएनएनआईटी के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के अध्यक्ष डाॅ. दीपेश एस. पाटले के निर्देशन में शोध छात्रा भावना भारती और शोधार्थी नितेश चावड़े ने विकसित किया है। [Dainik Jagran 09-05-2026, Page No. 04]

मोतीलाल नेहरु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान इलाहाबाद के इनोवेशन एंड इप्क्यूबेशन हब की ओर से एक ऐसा स्मार्ट रिस्ट बैंड तैयार किया गया है, जिसके जरिए घर के बुजुर्गों, बच्चों या बीमार व्यक्तियों की गतिविधि पर नजर रखी जा सकती है। इनके गिरने या गतिविधि में असमान्य बदलाव होने की स्थिति में परिजनों के पास अलर्ट मैसेज चला जाएगा। यह तकनीक खासतौर पर उन परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, जहां लोग बुजुर्ग, बीमार परिजन या बच्चों को घर पर अकेला छोड़ काम पर जाते हैं। इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन हब से जुड़े नीलेश प्रियदर्शी ने अपना स्टार्टअप बनाया है, जिसके जरिए उन्होंने अत्याधुनिक सेंसर तकनीक पर आधारित 200 स्मार्ट फाल डिटेक्शन सिस्टम बैंड तैयार किए हैं। [Hindustan 06-05-2026, Page No. 05]